श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  1.220.41 
तं प्रीयमाणो गोविन्दो विनयेनाभिपूजयन्।
भीमं च पुरुषव्याघ्रं विधिवत् प्रत्यपूजयत्॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण ने प्रसन्न होकर युधिष्ठिर का विनयपूर्वक सत्कार किया और पुरुषोत्तम भीमसेन का भी विधिपूर्वक पूजन किया ॥41॥
 
Lord Shri Krishna was pleased and honored Yudhishthir politely. He also duly worshiped Bhimsen, the best of men. 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)