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mahabharat 1.220.30: इनके अतिरिक्त परम तेजस्वी अनादृष्टि तथा बृहस्पति के शिष्य, परम बुद्धिमान, महाबुद्धिमान एवं परम यशस्वी उद्धव भी आये ॥30॥   |   mahabharat अध्याय 1.220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  1.220.30 
अनाधृष्टिर्महातेजा उद्धवश्च महायशा:।
साक्षाद् बृहस्पते: शिष्यो महाबुद्धिर्महामना:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
इनके अतिरिक्त परम तेजस्वी अनादृष्टि तथा बृहस्पति के शिष्य, परम बुद्धिमान, महाबुद्धिमान एवं परम यशस्वी उद्धव भी आये ॥30॥
 
Apart from these, the most brilliant Anadhristhi and the disciple of Brihaspati, the most intelligent, great-minded and most famous Uddhava also came. 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)