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mahabharat 1.220.28: अपने भाइयों, पुत्रों और अनेक योद्धाओं से घिरे हुए तथा विशाल सेना द्वारा सुरक्षित, शत्रुओं को पीड़ा देने वाले श्रीकृष्ण इन्द्रप्रस्थ पहुंचे।   |   mahabharat अध्याय 1.220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 220: द्वारकामें अर्जुन और सुभद्राका विवाह, अर्जुनके इन्द्रप्रस्थ पहुँचनेपर श्रीकृष्ण आदिका दहेज लेकर वहाँ जाना, द्रौपदीके पुत्र एवं अभिमन्युके जन्म, संस्कार और शिक्षा  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  1.220.28 
भ्रातृभिश्च कुमारैश्च योधैश्च बहुभिर्वृत:।
सैन्येन महता शौरिरभिगुप्त: परंतप:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
अपने भाइयों, पुत्रों और अनेक योद्धाओं से घिरे हुए तथा विशाल सेना द्वारा सुरक्षित, शत्रुओं को पीड़ा देने वाले श्रीकृष्ण इन्द्रप्रस्थ पहुंचे।
 
Surrounded by his brothers, sons and many warriors and protected by a large army, Sri Krishna, the tormentor of enemies, arrived at Indraprastha.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)