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mahabharat 1.218.22: बलपूर्वक कन्या का हरण करना भी वीर क्षत्रियों के लिए विवाह का अच्छा कारण बताया गया है; ऐसा धर्म के जानकार पुरुषों का मत है।   |   mahabharat अध्याय 1.218: रैवतक पर्वतके उत्सवमें अर्जुनका सुभद्रापर आसक्त होना और श्रीकृष्ण तथा युधिष्ठिरकी अनुमतिसे उसे हर ले जानेका निश्चय करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 218: रैवतक पर्वतके उत्सवमें अर्जुनका सुभद्रापर आसक्त होना और श्रीकृष्ण तथा युधिष्ठिरकी अनुमतिसे उसे हर ले जानेका निश्चय करना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.218.22 
प्रसह्य हरणं चापि क्षत्रियाणां प्रशस्यते।
विवाहहेतु: शूराणामिति धर्मविदो विदु:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
बलपूर्वक कन्या का हरण करना भी वीर क्षत्रियों के लिए विवाह का अच्छा कारण बताया गया है; ऐसा धर्म के जानकार पुरुषों का मत है।
 
Abducting a girl by force is also said to be a good reason for marriage for valiant Kshatriyas; this is the opinion of men knowledgeable about Dharma.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)