Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.218.15: उसे देखते ही अर्जुन के हृदय में काम अग्नि प्रज्वलित हो उठी। उसका मन विचारों में एकाग्र हो गया। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन की इस मनोवृत्ति को भाँप लिया। 15॥ | mahabharat अध्याय 1.218: रैवतक पर्वतके उत्सवमें अर्जुनका सुभद्रापर आसक्त होना और श्रीकृष्ण तथा युधिष्ठिरकी अनुमतिसे उसे हर ले जानेका निश्चय करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसे देखते ही अर्जुन के हृदय में काम अग्नि प्रज्वलित हो उठी। उसका मन विचारों में एकाग्र हो गया। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन की इस मनोवृत्ति को भाँप लिया। 15॥
As soon as he saw her, the fire of lust ignited in Arjun's heart. His mind became concentrated in his thoughts. Lord Shri Krishna sensed this mood of Arjun. 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥