Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.215.19-20h: वे सूर्य के समान सम्पूर्ण क्षेत्र को प्रकाशित कर रहे थे। उनकी तपस्या तथा उनके अद्भुत एवं उत्कृष्ट रूप को देखकर हम सभी अप्सराएँ उनकी तपस्या में विघ्न डालने की इच्छा से उस स्थान पर अवतरित हुईं॥19 1/2॥ | mahabharat अध्याय 1.215: अर्जुनके द्वारा वर्गा अप्सराका ग्राहयोनिसे उद्धार तथा वर्गाकी आत्मकथाका आरम्भ । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे सूर्य के समान सम्पूर्ण क्षेत्र को प्रकाशित कर रहे थे। उनकी तपस्या तथा उनके अद्भुत एवं उत्कृष्ट रूप को देखकर हम सभी अप्सराएँ उनकी तपस्या में विघ्न डालने की इच्छा से उस स्थान पर अवतरित हुईं॥19 1/2॥
He was illuminating the entire region like the Sun. Seeing his penance and his wonderful and excellent form, all of us Apsaras descended on that place with the desire to disturb his penance.॥19 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥