Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.211.d3h-29: 'पापरहित द्रौपदी हम सबके घरों में एक-एक वर्ष तक रहे। यदि हमारा कोई भाई दूसरे भाई को द्रौपदी के साथ अकेले बैठे देखे, तो वह बारह वर्ष तक ब्रह्मचर्यपूर्वक वन में रहे।' | mahabharat अध्याय 1.211: तिलोत्तमापर मोहित होकर सुन्द-उपसुन्दका आपसमें लड़ना और मारा जाना एवं तिलोत्तमाको ब्रह्माजीद्वारा वरप्राप्त तथा पाण्डवोंका द्रौपदीके विषयमें नियम-निर्धारण । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'पापरहित द्रौपदी हम सबके घरों में एक-एक वर्ष तक रहे। यदि हमारा कोई भाई दूसरे भाई को द्रौपदी के साथ अकेले बैठे देखे, तो वह बारह वर्ष तक ब्रह्मचर्यपूर्वक वन में रहे।'
'The sinless Draupadi should live in each of our houses for one year. If one of our brothers sees the other brother sitting alone with Draupadi, he should live in the forest for twelve years in celibacy.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥