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mahabharat 1.211.7: वहाँ उन्हें समस्त दिव्य प्रसाद अर्पित किए गए, तत्पश्चात् दोनों भाई आनन्दपूर्वक सुन्दर स्त्रियों के साथ उत्तम आसनों पर बैठ गए॥7॥   |   mahabharat अध्याय 1.211: तिलोत्तमापर मोहित होकर सुन्द-उपसुन्दका आपसमें लड़ना और मारा जाना एवं तिलोत्तमाको ब्रह्माजीद्वारा वरप्राप्त तथा पाण्डवोंका द्रौपदीके विषयमें नियम-निर्धारण   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 211: तिलोत्तमापर मोहित होकर सुन्द-उपसुन्दका आपसमें लड़ना और मारा जाना एवं तिलोत्तमाको ब्रह्माजीद्वारा वरप्राप्त तथा पाण्डवोंका द्रौपदीके विषयमें नियम-निर्धारण  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.211.7 
दिव्येषु सर्वकामेषु समानीतेषु तावुभौ।
वरासनेषु संहृष्टौ सह स्त्रीभिर्निषीदतु:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
वहाँ उन्हें समस्त दिव्य प्रसाद अर्पित किए गए, तत्पश्चात् दोनों भाई आनन्दपूर्वक सुन्दर स्त्रियों के साथ उत्तम आसनों पर बैठ गए॥7॥
 
There all the divine offerings were presented to them, after which both the brothers sat on the best seats with beautiful women in joy. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)