Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.211.17: 'यह तुम्हारा नहीं, मेरा है' ऐसा कहते हुए वे दोनों क्रोधित हो गए। तिलोत्तमा के सौन्दर्य से मदमस्त होकर वे दोनों प्रेम और स्नेह से शून्य हो गए। 17. | mahabharat अध्याय 1.211: तिलोत्तमापर मोहित होकर सुन्द-उपसुन्दका आपसमें लड़ना और मारा जाना एवं तिलोत्तमाको ब्रह्माजीद्वारा वरप्राप्त तथा पाण्डवोंका द्रौपदीके विषयमें नियम-निर्धारण । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'यह तुम्हारा नहीं, मेरा है' ऐसा कहते हुए वे दोनों क्रोधित हो गए। तिलोत्तमा के सौन्दर्य से मदमस्त होकर वे दोनों प्रेम और स्नेह से शून्य हो गए। 17.
While saying, 'This is not yours, it is mine', both of them became angry. Being intoxicated by the beauty of Tilottama, both of them became void of love and affection. 17.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥