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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 210: तिलोत्तमाकी उत्पत्ति, उसके रूपका आकर्षण तथा सुन्दोपसुन्दको मोहित करनेके लिये उसका प्रस्थान
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श्लोक 11
श्लोक
1.210.11
दृष्ट्वा च विश्वकर्माणं व्यादिदेश पितामह:।
सृज्यतां प्रार्थनीयैका प्रमदेति महातपा:॥ ११॥
अनुवाद
उसे आते देख महातपस्वी ब्रह्मा ने उसे आज्ञा दी कि तुम एक युवती का शरीर उत्पन्न करो जो सबके मन को मोहित कर ले ॥11॥
Seeing him coming, the great ascetic Brahma ordered him to create the body of a young woman who would captivate everyone's heart. ॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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