श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 209: सुन्द और उपसुन्दद्वारा क्रूरतापूर्ण कर्मोंसे त्रिलोकीपर विजय प्राप्त करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.209.11 
तेषामेवंप्रवृत्तानां सर्वेषामसुरद्विषाम्।
सम्भूय सर्वैरस्माभि: कार्य: सर्वात्मना वध:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
'वे सभी लोग जो यज्ञ आदि कर्मों में लगे हुए हैं, राक्षसों के शत्रु हैं। इसलिए हम सबको मिलकर उनका हरसंभव तरीके से संहार करना चाहिए।'॥11॥
 
'All those people who are engaged in rituals like sacrifices are enemies of the demons. Therefore, we all should unite and kill them in every possible way.'॥ 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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