Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.208.22: तुम सबने यह महान तप इस संकल्प से किया है कि तुम तीनों लोकों के देवता बनोगे। इसीलिए तुम्हें अमर नहीं बनाया जा रहा है; क्योंकि अमरता तुम्हारी तपस्या का उद्देश्य नहीं थी ॥22॥ | mahabharat अध्याय 1.208: सुन्द-उपसुन्दकी तपस्या, ब्रह्माजीके द्वारा उन्हें वर प्राप्त होना और दैत्योंके यहाँ आनन्दोत्सव । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तुम सबने यह महान तप इस संकल्प से किया है कि तुम तीनों लोकों के देवता बनोगे। इसीलिए तुम्हें अमर नहीं बनाया जा रहा है; क्योंकि अमरता तुम्हारी तपस्या का उद्देश्य नहीं थी ॥22॥
You all have undertaken this great penance with the resolve that you will become the God of the three worlds. That is why you are not being made immortal; because immortality was not the aim of your penance. ॥22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥