श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 206: पाण्डवोंका हस्तिनापुरमें आना और आधा राज्य पाकर इन्द्रप्रस्थ नगरका निर्माण करना एवं भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका द्वारकाके लिये प्रस्थान  »  श्लोक 10-11
 
 
श्लोक  1.206.10-11 
वैशम्पायन उवाच
ततस्ते समनुज्ञाता द्रुपदेन महात्मना।
पाण्डवाश्चैव कृष्णश्च विदुरश्च महीपते॥ १०॥
आदाय द्रौपदीं कृष्णां कुन्तीं चैव यशस्विनीम्।
सविहारं सुखं जग्मुर्नगरं नागसाह्वयम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी कहते हैं- राजन! तदनन्तर महात्मा द्रुपद की आज्ञा पाकर पाण्डव, श्रीकृष्ण और विदुर, द्रुपदकुमारी कृष्णा तथा यशस्विनी कुन्ती सहित विहार करते हुए हस्तिनापुर की ओर चल पड़े। 10-11॥
 
Vaishampayanji says- Rajan! Thereafter, after receiving the permission of Mahatma Drupada, Pandavas, Shri Krishna and Vidur along with Drupadakumari Krishna and Yashaswini Kunti proceeded towards Hastinapura having fun. 10-11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)