Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.201.24: "परन्तु मेरा विचार है कि आपको, भीष्म, द्रोण, विदुर और मुझे एक साथ बैठकर इस विषय पर पुनः विचार करना चाहिए और ऐसा कोई उपाय निकालना चाहिए जिससे हमें भविष्य में भी सुख प्राप्त हो।" ॥24॥ | mahabharat अध्याय 1.201: पाण्डवोंको पराक्रमसे दबानेके लिये कर्णकी सम्मति । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भूय एव तु भीष्मश्च द्रोणो विदुर एव च।
युवां च कुरुतं बुद्धिं भवेद् या न: सुखोदया॥ २४॥
अनुवाद
"परन्तु मेरा विचार है कि आपको, भीष्म, द्रोण, विदुर और मुझे एक साथ बैठकर इस विषय पर पुनः विचार करना चाहिए और ऐसा कोई उपाय निकालना चाहिए जिससे हमें भविष्य में भी सुख प्राप्त हो।" ॥24॥
"But I think that you, Bhishma, Drona, Vidura and I should sit together and think over the matter again and find something that will give us happiness in the future as well." ॥24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥