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mahabharat 1.2.78: इसके बाद धर्माधर्म का अनुशासन करने वाला अनुशासन पर्व है, तदनन्तर बुद्धिमान भीष्मजी का स्वर्गारोहण पर्व है ॥78॥   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 78
 
 
श्लोक  1.2.78 
तत: पर्व परिज्ञेयमानुशासनिकं परम्।
स्वर्गारोहणिकं चैव ततो भीष्मस्य धीमत:॥ ७८॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद धर्माधर्म का अनुशासन करने वाला अनुशासन पर्व है, तदनन्तर बुद्धिमान भीष्मजी का स्वर्गारोहण पर्व है ॥78॥
 
After this, there is the disciplinary festival of disciplining Dharmadharma, followed by the ascension festival of wise Bhishmaji. 78॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)