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mahabharat 1.2.66: इसके बाद ही अम्बोपाख्यान पर्व है। तत्पश्चात् अद्भुत भीष्माभिषेक पर्व कहा गया है ॥66॥   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  1.2.66 
अम्बोपाख्यानमत्रैव पर्व ज्ञेयमत: परम्।
भीष्माभिषेचनं पर्व ततश्चाद्‍भुतमुच्यते॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद ही अम्बोपाख्यान पर्व है। तत्पश्चात् अद्भुत भीष्माभिषेक पर्व कहा गया है ॥66॥
 
Only after this is the Ambopakhyaan festival. After that, the wonderful Bhishmabhishechan festival has been said. 66॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)