श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  1.2.50 
अर्जुनस्याभिगमनं पर्व ज्ञेयमत: परम्।
ईश्वरार्जुनयोर्युद्धं पर्व कैरातसंज्ञितम्॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद अर्जुनाभिगमन पर्व जानना चाहिए और फिर कैरट पर्व आता है, जिसमें भगवान शिव और अर्जुन के युद्ध का वर्णन है ॥50॥
 
After this, one should know Arjunabhigamana Parva and then comes Kairat Parva, in which the war between Lord Shiva and Arjuna is described. 50॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)