Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.39: जैसे समस्त प्रकार के लौकिक और वैदिक ज्ञान को प्रकट करने वाली सम्पूर्ण वाणी स्वर और व्यंजनों में समाहित है, वैसे ही (इस लोक, परलोक और पारलौकिक जगत से संबंधित) समस्त उत्तम ज्ञान और बुद्धि इस महान इतिहास में समाहित है ॥ 39॥ | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे समस्त प्रकार के लौकिक और वैदिक ज्ञान को प्रकट करने वाली सम्पूर्ण वाणी स्वर और व्यंजनों में समाहित है, वैसे ही (इस लोक, परलोक और पारलौकिक जगत से संबंधित) समस्त उत्तम ज्ञान और बुद्धि इस महान इतिहास में समाहित है ॥ 39॥
Just as the complete speech which reveals all kinds of worldly and Vedic knowledge is contained in vowels and consonants, similarly all the best knowledge and wisdom (related to this world, the other world and the spiritual world) is contained in this great history. ॥ 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥