Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.382: जो ब्राह्मण चारों वेदों को उनके भागों सहित और उपनिषदों को जानता है, परन्तु इस महाभारत-इतिहास को नहीं जानता, वह विद्वान् नहीं है ॥382॥ | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यो विद्याच्चतुरो वेदान् साङ्गोपनिषदो द्विज:।
न चाख्यानमिदं विद्यान्नैव स स्याद् विचक्षण:॥ ३८२॥
अनुवाद
जो ब्राह्मण चारों वेदों को उनके भागों सहित और उपनिषदों को जानता है, परन्तु इस महाभारत-इतिहास को नहीं जानता, वह विद्वान् नहीं है ॥382॥
A Brahmin who knows the four Vedas including their parts and the Upanishads but does not know this Mahabharata-history is not an eminent scholar. ॥ 382॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥