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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल
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श्लोक 381
श्लोक
1.2.381
अष्टादश समाजग्मुरक्षौहिण्यो युयुत्सया।
तन्महादारुणं युद्धमहान्यष्टादशाभवत्॥ ३८१॥
अनुवाद
युद्धकी इच्छासे अठारह अक्षौहिणी सेनाएँ कुरुक्षेत्रमें एकत्र हुई थीं और वह भयंकर युद्ध अठारह दिनतक चलता रहा ॥381॥
Eighteen Akshauhini armies had gathered in Kurukshetra with the desire of war and that terrible war continued for eighteen days. 381॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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