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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल
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श्लोक 365
श्लोक
1.2.365
यत्र राज्यं परित्यज्य पाण्डवा: पुरुषर्षभा:।
द्रौपद्या सहिता देव्या महाप्रस्थानमास्थिता:॥ ३६५॥
अनुवाद
जिसमें पुरुषोत्तम पाण्डव अपना राज्य छोड़कर द्रौपदी के साथ महाप्रयाण पथ पर आये ॥365॥
In which the best of men, the Pandavas, leaving their kingdom, came with Draupadi on the path of great departure. ॥ 365॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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