Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.352-353: इस पर्व में अध्यायों की संख्या बयालीस (42) है। तत्त्वदर्शी व्यासजी ने इसमें एक हजार पाँच सौ छह (1,506) श्लोक रखे हैं। इसके बाद मौसल पर्व की सूची सुनो - यह पर्व अत्यंत भयंकर है ॥352-353॥ | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्विचत्वारिंशदध्याया: पर्वैतदभिसंख्यया।
सहस्रमेकं श्लोकानां पञ्च श्लोकशतानि च॥ ३५२॥
षडेव च तथा श्लोका: संख्यातास्तत्त्वदर्शिना।
अत: परं निबोधेदं मौसलं पर्व दारुणम्॥ ३५३॥
अनुवाद
इस पर्व में अध्यायों की संख्या बयालीस (42) है। तत्त्वदर्शी व्यासजी ने इसमें एक हजार पाँच सौ छह (1,506) श्लोक रखे हैं। इसके बाद मौसल पर्व की सूची सुनो - यह पर्व अत्यंत भयंकर है ॥352-353॥
The number of chapters in this festival is forty-two (42). The Tattvadarshi Vyasji has kept one thousand five hundred and six (1,506) verses in it. After this listen to the list of Mausal Parva - this festival is very dreadful. ॥ 352-353॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥