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mahabharat 1.2.32: अठारहवें दिन बीत जाने पर रात्रि में अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्य ने निर्भय होकर युधिष्ठिर के सोये हुए सैनिकों को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  1.2.32 
तस्यैव दिवसस्यान्ते द्रौणिहार्दिक्यगौतमा:।
प्रसुप्तं निशि विश्वस्तं जघ्नुर्यौधिष्ठिरं बलम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
अठारहवें दिन बीत जाने पर रात्रि में अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्य ने निर्भय होकर युधिष्ठिर के सोये हुए सैनिकों को मार डाला।
 
After the eighteenth day had passed, at night Ashvatthama, Kritavarma and Kripacharya fearlessly killed the sleeping soldiers of Yudhishthira.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)