श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 319
 
 
श्लोक  1.2.319 
पुत्रपौत्रवधार्तायास्तथात्रैव प्रकीर्तिता।
गान्धार्याश्चापि कृष्णेन क्रोधोपशमनक्रिया॥ ३१९॥
 
 
अनुवाद
अपने पुत्रों और पौत्रों की मृत्यु से व्यथित गांधारी के पास भगवान कृष्ण आए और उसका क्रोध शांत किया। इस प्रसंग का भी इस पर्व में वर्णन है।
 
Lord Krishna came to Gandhari who was distressed due to the death of her sons and grandsons and calmed her anger. This incident is also described in this festival.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)