Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.312: उत्तम तेजस्वी व्यासजी ने इस पर्व में सौप्तिक और ऐषिक दोनों की कथाओं का संयोजन किया है। तत्पश्चात् विद्वानों ने इसे 'स्त्रीपर्व' कहा है, जो करुणा की धारा है ॥312॥ | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उत्तम तेजस्वी व्यासजी ने इस पर्व में सौप्तिक और ऐषिक दोनों की कथाओं का संयोजन किया है। तत्पश्चात् विद्वानों ने इसे 'स्त्रीपर्व' कहा है, जो करुणा की धारा है ॥312॥
Uttam Tejasvi Vyasji has linked the stories of both Sauptik and Aishika in this festival. After this, scholars have called it 'Streeparva', which is a stream of compassion. 312॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥