श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  1.2.30 
अहानि युयुधे भीष्मो दशैव परमास्त्रवित् ।
अहानि पञ्च द्रोणस्तु ररक्ष कुरुवाहिनीम्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
अस्त्रविद्या के परम ज्ञाता भीष्मपितामह ने दस दिन तक युद्ध किया, आचार्य द्रोण ने पाँच दिन तक कौरव सेना की रक्षा की ॥30॥
 
Bhishmapita, the supreme expert of weapons, fought for ten days, Acharya Drona protected the Kaurava army for five days. 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)