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mahabharat 1.2.278-279h: कर्ण पर्व में उनहत्तर (69) अध्याय हैं तथा इस पर्व में चार हजार नौ सौ चौसठ (4,964) श्लोक गाये गये हैं।   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 278-279h
 
 
श्लोक  1.2.278-279h 
एकोनसप्तति: प्रोक्ता अध्याया: कर्णपर्वणि।
चत्वार्येव सहस्राणि नव श्लोकशतानि च॥ २७८॥
चतु:षष्टिस्तथा श्लोका: पर्वण्यस्मिन् प्रकीर्तिता:।
 
 
अनुवाद
कर्ण पर्व में उनहत्तर (69) अध्याय हैं तथा इस पर्व में चार हजार नौ सौ चौसठ (4,964) श्लोक गाये गये हैं।
 
There are seventy nine (69) chapters in Karna Parva and four thousand nine hundred and sixty four (4,964) verses have been recited in this festival. 278 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)