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mahabharat 1.2.258-259h: अभिमन्यु के वध से क्रोधित होकर अर्जुन ने युद्धभूमि में सात अक्षौहिणी सेनाओं का नाश कर दिया तथा राजा जयद्रथ का भी वध कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 258-259h
 
 
श्लोक  1.2.258-259h 
हतेऽभिमन्यौ क्रुद्धेन यत्र पार्थेन संयुगे॥ २५८॥
अक्षौहिणी: सप्त हत्वा हतो राजा जयद्रथ:।
 
 
अनुवाद
अभिमन्यु के वध से क्रोधित होकर अर्जुन ने युद्धभूमि में सात अक्षौहिणी सेनाओं का नाश कर दिया तथा राजा जयद्रथ का भी वध कर दिया।
 
Enraged by the killing of Abhimanyu, Arjuna destroyed seven Akshauhini armies on the battlefield and also killed King Jayadratha. 258 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)