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mahabharat 1.2.250: तब महाधनुर्धर अर्जुन ने शिखण्डी को उसके सामने फेंककर उसे तीखे बाणों से घायल कर दिया और भीष्मपितामह को रथ से नीचे गिरा दिया ॥250॥   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 250
 
 
श्लोक  1.2.250 
शिखण्डिनं पुरस्कृत्य यत्र पार्थो महाधनु:।
विनिघ्नन् निशितैर्बाणै रथाद् भीष्ममपातयत्॥ २५०॥
 
 
अनुवाद
तब महाधनुर्धर अर्जुन ने शिखण्डी को उसके सामने फेंककर उसे तीखे बाणों से घायल कर दिया और भीष्मपितामह को रथ से नीचे गिरा दिया ॥250॥
 
Then Arjun, the great archer, threw Shikhandi in front of him and injured him with sharp arrows and threw Bhishmapitamaha from the chariot. 250॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)