Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.227-228: जब धृतराष्ट्र ने सुना कि पाण्डवों ने श्रीकृष्ण को अपना नेता चुन लिया है और उन्हें आगे रखकर युद्ध के लिए प्रस्थान कर रहे हैं, तब चिन्ता के कारण उनकी निद्रा नष्ट हो गई और वे सारी रात जागते रहे। उस समय महात्मा विदुर ने बुद्धिमान राजा धृतराष्ट्र को अनेक प्रकार से एक अत्यन्त आश्चर्यजनक नीति का उपदेश दिया (वही विदुर नीति के नाम से प्रसिद्ध है)।॥ 227-228॥ | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब धृतराष्ट्र ने सुना कि पाण्डवों ने श्रीकृष्ण को अपना नेता चुन लिया है और उन्हें आगे रखकर युद्ध के लिए प्रस्थान कर रहे हैं, तब चिन्ता के कारण उनकी निद्रा नष्ट हो गई और वे सारी रात जागते रहे। उस समय महात्मा विदुर ने बुद्धिमान राजा धृतराष्ट्र को अनेक प्रकार से एक अत्यन्त आश्चर्यजनक नीति का उपदेश दिया (वही विदुर नीति के नाम से प्रसिद्ध है)।॥ 227-228॥
When Dhritarashtra heard that the Pandavas had chosen Shri Krishna as their leader and were setting out for the war with him at the forefront, he lost his sleep due to worry and remained awake the whole night. At that time, Mahatma Vidur preached a very astonishing policy in various ways to the wise king Dhritarashtra (the same is famous as Vidur Niti).॥ 227-228॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥