Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.221: अपने स्वार्थ से अनभिज्ञ और मूढ़ बुद्धि वाले दुर्योधन ने एक अक्षौहिणी सेना माँगी और अर्जुन ने माँग की कि भगवान श्रीकृष्ण युद्ध न करें, परन्तु मैं उनका मंत्री बनूँ॥ 221॥ | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपने स्वार्थ से अनभिज्ञ और मूढ़ बुद्धि वाले दुर्योधन ने एक अक्षौहिणी सेना माँगी और अर्जुन ने माँग की कि भगवान श्रीकृष्ण युद्ध न करें, परन्तु मैं उनका मंत्री बनूँ॥ 221॥
Duryodhana, ignorant of his own interests and of a foolish mind, asked for an Akshauhini army, and Arjuna demanded that Lord Krishna may not fight the war but he should become his minister.॥ 221॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥