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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल
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श्लोक 218
श्लोक
1.2.218
उपप्लव्ये निविष्टेषु पाण्डवेषु जिगीषया।
दुर्योधनोऽर्जुनश्चैव वासुदेवमुपस्थितौ॥ २१८॥
अनुवाद
जब पाण्डव उपप्लव्यनगर में रहने लगे, तब दुर्योधन और अर्जुन विजय की इच्छा से भगवान श्रीकृष्ण के पास आये ॥218॥
When Pandavas started living in Upplavyanagar, Duryodhana and Arjun came to Lord Krishna with the desire of victory. 218॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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