श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 214
 
 
श्लोक  1.2.214 
विराटेनोत्तरा दत्ता स्नुषा यत्र किरीटिन:।
अभिमन्युं समुद्दिश्य सौभद्रमरिघातिनम्॥ २१४॥
 
 
अनुवाद
(पाण्डवों के पहचान जाने पर) राजा विराट ने अपनी पुत्री उत्तरा को शत्रु सुभद्रनन्दन अभिमन्यु के साथ विवाह करने के लिए अर्जुन को पुत्रवधू के रूप में दे दिया ॥214॥
 
(After the Pandavas were recognized) King Virat gave his daughter Uttara to Arjun as his daughter-in-law to marry the enemy Subhadranandan Abhimanyu. 214॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)