श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल  »  श्लोक 194
 
 
श्लोक  1.2.194 
पतिव्रतायाश्चाख्यानं तथैवाङ्गिरसं स्मृतम्।
द्रौपद्या: कीर्तितश्चात्र संवाद: सत्यभामया॥ १९४॥
 
 
अनुवाद
पतिव्रता पत्नी और अंगिरस की कथा भी इसी प्रसंग में है। द्रौपदी और सत्यभामा का संवाद भी इसी में है।
 
The story of the devoted wife and Angiras is also in this context. The conversation between Draupadi and Satyabhama is also in this. 194.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)