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mahabharat 1.2.189: धर्मराज युधिष्ठिर ने अजगर वेशधारी नहुष के प्रश्नों का उत्तर देकर भीमसेन को मुक्त कराया। इसके बाद कुलीन पांडव पुनः काम्यकवन में आ गए।   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.2.189 
अमोक्षयद् यत्र चैनं प्रश्नानुक्त्वा युधिष्ठिर:।
काम्यकागमनं चैव पुनस्तेषां महात्मनाम्॥ १८९॥
 
 
अनुवाद
धर्मराज युधिष्ठिर ने अजगर वेशधारी नहुष के प्रश्नों का उत्तर देकर भीमसेन को मुक्त कराया। इसके बाद कुलीन पांडव पुनः काम्यकवन में आ गए।
 
Dharmaraja Yudhishthira freed Bhimasena by answering the questions of Nahush who was disguised as a python. After this the noble Pandavas again came to Kamyakavana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)