Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.2.153-154: इस पर्व में महर्षि व्यास ने सौभाग्यवध की कथा कही है। श्रीकृष्ण सुभद्रा को उसके पुत्र सहित द्वारका ले गए। धृष्टद्युम्न द्रौपदी के पुत्रों को साथ ले गए। तत्पश्चात् पाण्डवों ने परम रमणीय द्वैतवन में प्रवेश किया। 153-154॥ | mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस पर्व में महर्षि व्यास ने सौभाग्यवध की कथा कही है। श्रीकृष्ण सुभद्रा को उसके पुत्र सहित द्वारका ले गए। धृष्टद्युम्न द्रौपदी के पुत्रों को साथ ले गए। तत्पश्चात् पाण्डवों ने परम रमणीय द्वैतवन में प्रवेश किया। 153-154॥
In this festival, Maharishi Vyas has told the story of Saubhavadha. Shri Krishna took Subhadra along with her son to Dwarka. Dhrishtadyumna took Draupadi's sons with him. Thereafter the Pandavas entered the most delightful Dvaitavan. 153-154॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥