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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल
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श्लोक 152
श्लोक
1.2.152
परिदेवनं च पाञ्चाल्या वासुदेवस्य संनिधौ।
आश्वासनं च कृष्णेन दु:खार्ताया: प्रकीर्तितम्॥ १५२॥
अनुवाद
द्रौपदी श्री कृष्ण के सामने बहुत रोईं। श्री कृष्ण ने दुखी द्रौपदी को सांत्वना दी। यह पूरी कथा वन पर्व में है। 152.
Draupadi cried a lot in front of Shri Krishna. Shri Krishna consoled the sad Draupadi. This entire story is in Vana Parva. 152.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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