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mahabharat 1.2.144: महात्मा युधिष्ठिर ने अपने ब्राह्मण अनुयायियों के भरण-पोषण के लिए भोजन और औषधियाँ प्राप्त करने हेतु सर्वप्रथम सूर्यदेव की पूजा की थी। 144.   |   mahabharat अध्याय 1.2: समन्तपंचकक्षेत्रका वर्णन, अक्षौहिणी सेनाका प्रमाण, महाभारतमें वर्णित पर्वों और उनके संक्षिप्त विषयोंका संग्रह तथा महाभारतके श्रवण एवं पठनका फल   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.2.144 
अन्नौषधीनां च कृते पाण्डवेन महात्मना।
द्विजानां भरणार्थं च कृतमाराधनं रवे:॥ १४४॥
 
 
अनुवाद
महात्मा युधिष्ठिर ने अपने ब्राह्मण अनुयायियों के भरण-पोषण के लिए भोजन और औषधियाँ प्राप्त करने हेतु सर्वप्रथम सूर्यदेव की पूजा की थी। 144.
 
Mahatma Yudhishthira first worshipped the Sun God to obtain food and medicines for the sustenance of his Brahmin followers. 144.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)