Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.198.5-6: 'पुत्री! जैसे इन्द्राणी इन्द्र में, स्वाहा अग्नि में, रोहिणी चन्द्रमा में, दमयन्ती नल में, भद्रा कुबेर में, अरुन्धती वसिष्ठ में और लक्ष्मी भगवान नारायण में भक्ति और प्रेम रखती हैं, वैसे ही तुम भी अपने पतियों में भक्ति रखो॥5-6॥ | mahabharat अध्याय 1.198: कुन्तीका द्रौपदीको उपदेश और आशीर्वाद तथा भगवान् श्रीकृष्णका पाण्डवोंके लिये उपहार भेजना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'पुत्री! जैसे इन्द्राणी इन्द्र में, स्वाहा अग्नि में, रोहिणी चन्द्रमा में, दमयन्ती नल में, भद्रा कुबेर में, अरुन्धती वसिष्ठ में और लक्ष्मी भगवान नारायण में भक्ति और प्रेम रखती हैं, वैसे ही तुम भी अपने पतियों में भक्ति रखो॥5-6॥
'Daughter! Just as Indrani has devotion and love for Indra, Swaha for Agni, Rohini for Moon, Damayanti for Nala, Bhadra for Kuber, Arundhati for Vasishtha and Lakshmi for Lord Narayana, in the same way you too have devotion for your husbands. 5-6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥