Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.198.19: धर्मराज युधिष्ठिर अत्यन्त प्रसन्न हुए और भगवान श्रीकृष्ण की प्रसन्नता के लिए उन्होंने समस्त उपहार स्वीकार कर लिए ॥19॥ | mahabharat अध्याय 1.198: कुन्तीका द्रौपदीको उपदेश और आशीर्वाद तथा भगवान् श्रीकृष्णका पाण्डवोंके लिये उपहार भेजना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धर्मराज युधिष्ठिर अत्यन्त प्रसन्न हुए और भगवान श्रीकृष्ण की प्रसन्नता के लिए उन्होंने समस्त उपहार स्वीकार कर लिए ॥19॥
Dharmaraja Yudhishthir became very happy and accepted all the gifts for the pleasure of Lord Krishna. 19॥
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि वैवाहिकपर्वणि अष्टनवत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १९८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत वैवाहिकपर्वमें एक सौ अट्ठानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १९८॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥