Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.196.24: तब भयंकर तेज वाले रुद्र ने हँसकर कहा - 'तुम्हारे समान उत्तम और पुण्यात्मा स्वभाव वाले मनुष्य यहाँ प्रसाद नहीं पाते। ये लोग भी पहले तुम्हारे ही समान थे, अतः तुम भी इस गुफा में प्रवेश करके वहीं सो जाओ॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 1.196: व्यासजीका द्रुपदको पाण्डवों तथा द्रौपदीके पूर्वजन्मकी कथा सुनाकर दिव्य दृष्टि देना और द्रुपदका उनके दिव्य रूपोंकी झाँकी करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब भयंकर तेज वाले रुद्र ने हँसकर कहा - 'तुम्हारे समान उत्तम और पुण्यात्मा स्वभाव वाले मनुष्य यहाँ प्रसाद नहीं पाते। ये लोग भी पहले तुम्हारे ही समान थे, अतः तुम भी इस गुफा में प्रवेश करके वहीं सो जाओ॥ 24॥
Then Rudra, who was of terrible brilliance, laughed and said, 'People with a good and virtuous nature like you do not get Prasad here. These people were also like you earlier, so you too should enter this cave and sleep there.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥