Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.196.23: बैलवाहन भगवान शंकर से गुफा में प्रवेश करने की ऐसी अचानक अनुमति पाकर इंद्र ने कांपते हुए हाथ जोड़कर भयंकर रूप वाले रुद्रदेव से कहा - 'जगद्योने! आप ही सम्पूर्ण जगत् की रचना करने वाले आदि पुरुष हैं॥23॥   |   mahabharat अध्याय 1.196: व्यासजीका द्रुपदको पाण्डवों तथा द्रौपदीके पूर्वजन्मकी कथा सुनाकर दिव्य दृष्टि देना और द्रुपदका उनके दिव्य रूपोंकी झाँकी करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 196: व्यासजीका द्रुपदको पाण्डवों तथा द्रौपदीके पूर्वजन्मकी कथा सुनाकर दिव्य दृष्टि देना और द्रुपदका उनके दिव्य रूपोंकी झाँकी करना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  1.196.23 
स प्राञ्जलिर्वै वृषवाहनेन
प्रवेपमान: सहसैवमुक्त:।
उवाच देवं बहुरूपमुग्र-
स्रष्टाशेषस्य भुवनस्य त्वं भवाद्य:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
बैलवाहन भगवान शंकर से गुफा में प्रवेश करने की ऐसी अचानक अनुमति पाकर इंद्र ने कांपते हुए हाथ जोड़कर भयंकर रूप वाले रुद्रदेव से कहा - 'जगद्योने! आप ही सम्पूर्ण जगत् की रचना करने वाले आदि पुरुष हैं॥23॥
 
On receiving such a sudden permission from Lord Shankar, the bull-carrying vehicle, to enter the cave, Indra, trembling with folded hands, said to Rudradev, the fierce form having many forms - 'Jagadyone! You are the original man who created the entire world. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)