Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.196.19: तुममें अनन्त बल और पराक्रम है, इसलिए इस गुफा के द्वार को ढके हुए इस विशाल पर्वत को हटा दो और इस गुफा में प्रवेश करो जहाँ तुम्हारे समान सूर्य के समान तेजस्वी और भी बहुत से इन्द्र निवास करते हैं। ॥19॥ | mahabharat अध्याय 1.196: व्यासजीका द्रुपदको पाण्डवों तथा द्रौपदीके पूर्वजन्मकी कथा सुनाकर दिव्य दृष्टि देना और द्रुपदका उनके दिव्य रूपोंकी झाँकी करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
निवर्तयैनं च महाद्रिराजं
बलं च वीर्यं च तवाप्रमेयम्।
छिद्रस्य चैवाविश मध्यमस्य
यत्रासते त्वद्विधा: सूर्यभास:॥ १९॥
अनुवाद
तुममें अनन्त बल और पराक्रम है, इसलिए इस गुफा के द्वार को ढके हुए इस विशाल पर्वत को हटा दो और इस गुफा में प्रवेश करो जहाँ तुम्हारे समान सूर्य के समान तेजस्वी और भी बहुत से इन्द्र निवास करते हैं। ॥19॥
"You have infinite strength and valour, so remove this huge mountain covering the door of this cave and enter this cave where many other Indras like you, who are as radiant as the Sun, live." ॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥