Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.195.2: उनके द्वारा की गई पूजा को प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार करके और अंत में सबका कुशल-क्षेम पूछकर महापुरुष व्यास शुद्ध सुवर्णमय आसन पर बैठ गए॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 1.195: व्यासजीके सामने द्रौपदीका पाँच पुरुषोंसे विवाह होनेके विषयमें द्रुपद, धृष्टद्युम्न और युधिष्ठिरका अपने-अपने विचार व्यक्त करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनके द्वारा की गई पूजा को प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार करके और अंत में सबका कुशल-क्षेम पूछकर महापुरुष व्यास शुद्ध सुवर्णमय आसन पर बैठ गए॥ 2॥
Having happily accepted the worship offered by them and finally inquiring about the well-being of everyone, the great Vyasa sat on a pure golden seat.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥