Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.195.17: हमारी माता ने भी यही कहा है कि तुम सब लोग इसे भिक्षा के समान भोगो; इसलिए हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! हम पाँचों भाइयों के इस विवाह को परम धर्म मानते हैं॥17॥ | mahabharat अध्याय 1.195: व्यासजीके सामने द्रौपदीका पाँच पुरुषोंसे विवाह होनेके विषयमें द्रुपद, धृष्टद्युम्न और युधिष्ठिरका अपने-अपने विचार व्यक्त करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हमारी माता ने भी यही कहा है कि तुम सब लोग इसे भिक्षा के समान भोगो; इसलिए हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! हम पाँचों भाइयों के इस विवाह को परम धर्म मानते हैं॥17॥
Our mother has also said the same thing that all of you should enjoy it like alms; therefore, O best of the Brahmins! We consider this marriage of the five brothers as the ultimate Dharma.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥