Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.194.31: राजन! यह अटल धर्म है। आपको बिना किसी संकोच के इसका पालन करना चाहिए। हे पृथ्वी के स्वामी! आपको इस विषय में कोई संदेह नहीं करना चाहिए। ॥31॥ | mahabharat अध्याय 1.194: द्रुपद और युधिष्ठिरकी बातचीत तथा व्यासजीका आगमन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एष धर्मो ध्रुवो राजंश्चरैनमविचारयन्।
मा च शंका तत्र ते स्यात् कथंचिदपि पार्थिव॥ ३१॥
अनुवाद
राजन! यह अटल धर्म है। आपको बिना किसी संकोच के इसका पालन करना चाहिए। हे पृथ्वी के स्वामी! आपको इस विषय में कोई संदेह नहीं करना चाहिए। ॥31॥
King! This is an unshakable Dharma. You should follow it without any hesitation. O lord of the earth! You should not have any doubts about this matter. ॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥