Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.194.11: हे पुरुषोत्तम! अब आपकी मानसिक चिंताएँ दूर हो जानी चाहिए। हम सब क्षत्रिय हैं। आपकी यह पुत्री कमल पुष्प के समान एक सरोवर से दूसरे सरोवर तक पहुँच गई है।॥11॥ | mahabharat अध्याय 1.194: द्रुपद और युधिष्ठिरकी बातचीत तथा व्यासजीका आगमन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
व्येतु ते मानसं दु:खं क्षत्रिया: स्मो नरर्षभ।
पद्मिनीव सुतेयं ते ह्रदादन्यह्रदं गता॥ ११॥
अनुवाद
हे पुरुषोत्तम! अब आपकी मानसिक चिंताएँ दूर हो जानी चाहिए। हम सब क्षत्रिय हैं। आपकी यह पुत्री कमल पुष्प के समान एक सरोवर से दूसरे सरोवर तक पहुँच गई है।॥11॥
Best of men! Now your mental worries should be over. We are all Kshatriyas. This daughter of yours has reached from one lake to another like a lotus flower. ॥11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥