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mahabharat 1.193.14: उन सब वस्तुओं को अपनी रुचि के अनुसार खाकर पुरुषोत्तम पाण्डव अत्यन्त प्रसन्न हुए। हे राजन! वहाँ एकत्रित की हुई अन्य सब भोग-विलास की वस्तुओं को छोड़कर वे वीर योद्धा सबसे पहले उस स्थान पर गए जहाँ युद्ध की सामग्री रखी हुई थी॥ 14॥   |   mahabharat अध्याय 1.193: पाण्डवों और कुन्तीका द्रुपदके घरमें जाकर सम्मानित होना और राजा द्रुपदद्वारा पाण्डवोंके शील-स्वभावकी परीक्षा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 193: पाण्डवों और कुन्तीका द्रुपदके घरमें जाकर सम्मानित होना और राजा द्रुपदद्वारा पाण्डवोंके शील-स्वभावकी परीक्षा  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.193.14 
ते तत्र भुक्त्वा पुरुषप्रवीरा
यथाऽऽत्मकामं सुभृशं प्रतीता:।
उत्क्रम्य सर्वाणि वसूनि राजन्
सांग्रामिकं ते विविशुर्नृवीरा:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
उन सब वस्तुओं को अपनी रुचि के अनुसार खाकर पुरुषोत्तम पाण्डव अत्यन्त प्रसन्न हुए। हे राजन! वहाँ एकत्रित की हुई अन्य सब भोग-विलास की वस्तुओं को छोड़कर वे वीर योद्धा सबसे पहले उस स्थान पर गए जहाँ युद्ध की सामग्री रखी हुई थी॥ 14॥
 
The Pandavas, the best of men, were very happy after eating all those things according to their liking. O King! Leaving all the other articles of luxury and enjoyment collected there, those brave warriors first went to the place where the war materials were kept.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)