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mahabharat 1.192.9: जब वे लौटकर आए, तब द्रौपदी ने (अपनी माता की आज्ञा के अनुसार) उनसे भिक्षा में प्राप्त भोजन लिया, देवताओं को हवि दी, ब्राह्मणों को दिया, वृद्धा को तथा श्रेष्ठ वीरों को अलग-अलग भोजन कराया और अंत में बचा हुआ भोजन स्वयं खाया॥9॥   |   mahabharat अध्याय 1.192: धृष्टद्युम्नके द्वारा द्रौपदी तथा पाण्डवोंका हाल सुनकर राजा द्रुपदका उनके पास पुरोहितको भेजना तथा पुरोहित और युधिष्ठिरकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 192: धृष्टद्युम्नके द्वारा द्रौपदी तथा पाण्डवोंका हाल सुनकर राजा द्रुपदका उनके पास पुरोहितको भेजना तथा पुरोहित और युधिष्ठिरकी बातचीत  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.192.9 
तेषां तु भैक्षं प्रतिगृह्य कृष्णा
दत्त्वा बलिं ब्राह्मणसाच्च कृत्वा।
तां चैव वृद्धां परिवेष्य तांश्च
नरप्रवीरान् स्वयमप्यभुङ्‍‍क्त॥ ९॥
 
 
अनुवाद
जब वे लौटकर आए, तब द्रौपदी ने (अपनी माता की आज्ञा के अनुसार) उनसे भिक्षा में प्राप्त भोजन लिया, देवताओं को हवि दी, ब्राह्मणों को दिया, वृद्धा को तथा श्रेष्ठ वीरों को अलग-अलग भोजन कराया और अंत में बचा हुआ भोजन स्वयं खाया॥9॥
 
When they returned, Draupadi (as per her mother's command) took the food received as alms from them, offered it as a sacrifice to the gods, gave it to the Brahmins, served food separately to the old woman and to the eminent heroes, and finally ate the leftover food herself.॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)