Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.192.7: उस घर में अग्नि की ज्वाला के समान तेजस्वी एक स्त्री बैठी थी। मुझे लगता है कि वह उन वीर पुरुषों की माँ रही होगी। उसके चारों ओर अग्नि की ज्वाला के समान तेजस्वी तीन अन्य वीर पुरुष बैठे थे। | mahabharat अध्याय 1.192: धृष्टद्युम्नके द्वारा द्रौपदी तथा पाण्डवोंका हाल सुनकर राजा द्रुपदका उनके पास पुरोहितको भेजना तथा पुरोहित और युधिष्ठिरकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस घर में अग्नि की ज्वाला के समान तेजस्वी एक स्त्री बैठी थी। मुझे लगता है कि वह उन वीर पुरुषों की माँ रही होगी। उसके चारों ओर अग्नि की ज्वाला के समान तेजस्वी तीन अन्य वीर पुरुष बैठे थे।
A woman as radiant as the flame of fire was sitting in that house. I guess that she must have been the mother of those brave men. Around her were sitting three other brave men as radiant as the flame of fire.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥